Home खबर टूरिस्टों को लूटने वाले CP-जनपथ के ठगों से ऐसे निपट रही पुलिस

टूरिस्टों को लूटने वाले CP-जनपथ के ठगों से ऐसे निपट रही पुलिस

0
SHARE

नई दिल्ली
विदेशी टूरिस्टों के ठगे जाने या मनमाने पैसे वसूले जाने के कई केस सामने आते रहते हैं। पिछले कुछ दिनों में दिल्ली पुलिस के पास ऐसी ढेरों शिकायतें आईं। ज्यादातर ठग एक ही तरीके से विदेशी टूरिस्टों को ठगने का काम करते हैं। गैंग का कोई एक शख्स टूरिस्टों के ग्रुप के साथ-साथ चलता और उन्हें ‘कीमती’ मोती या पत्थर बेचने की कोशिश करता या उन्हें एक दुकान में ले जाता, जहां इन टूरिस्टों को ऊंचे दाम पर मामूली सामान बेच दिया जाता।पुलिस के मुताबिक, देश से लौटने के बाद टूरिस्ट कई बाक ई-मेल के जरिए ऐसी शिकायतें करते हैं और उस वक्त कुछ नहीं किया जा सकता। इस तरह की घटनाओं पर नजर रखने के लिए नई दिल्ली जिले की पुलिस ने ठगमु्क सीपी(कनॉट प्लेस) अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत पुलिस अधिकारी सादे कपड़ों में तैनात रहकर ऐसे ठगों पर लगाम कसने का काम करते हैं।

एक विदेशी टूरिस्ट को ऊंचे दाम पर एक पेंटिंग बेचते ठग को रंगेहाथ पकड़ने वाले एएसआई ने कहा, ‘हमारा मकसद विदेशी सैलानियों को दिल्ली दर्शन का अच्छा अनुभव मुहैया करवाना है, जिसमें शॉपिंग भी शामिल है। सुरक्षा अहम है। इस मुहिम को लॉन्च करने के बाद हमें महसूस हुआ कि इन दुकानदारों द्वारा ठगे जाने के अलावा, विदेशी टूरिस्ट खरीदारी के लिए उनके पीछे-पीछे चल मजबूर किए जाने पर असहज और शोषित महसूस करते हैं। वे नजरअंदाज करना पसंद करते हैं और अगर ठग लिए जाने पर उन्हें देर में पता चलता है। हमें मौके पर ही ठगी को खत्म करना होगा।’

जब सादे कपड़ों में माप्केट में मौजूद एक पुलिसवाले ने एक विदेशी को ठगने से रोका तो उसने तुरंत जवाब दिया, आप अपना काम कीजिए। उसने कहा, ‘आप अपना काम करो, बीच में क्यों बोल रहे हो?’ वहीं दूसरे ने कहा, ‘आपसे खरीदने को बोल रहा हूं?’ वहां एक 12 साल का बच्चा भी कुछ सामान बेचने की कोशिश कर रहा था, जिसने कहा- ‘पतानहीं कहां से चले आते हैं!’ इस पर पुलिसवालों ने चुप रहना ही बेहतर समझा।

ठगों पर नजर रखने और रोकने के लिए गठित स्पेशल टीम के एक पुलिसकर्मी ने बताया कि टूरिस्टों को ठगने का धंधा सिर्फ सीपी और जनपथ में नहीं चल रहा, बल्कि होटलों के बाहर भी चल रहा है। यूके से भारत आए एक टूरिस्ट ने कहा, ‘मोलभाव करना ठीक है लेकिन अगर कोई चीज ज्यादा महंगी लगती है तो हम उसे नहीं खरीदते। लेकिन हां, अगर कोई जबरने बेचने की कोशिश करता है तो यह बहुत फनी है। क्या हम बेवकूफ लगते हैं? कई लोगों ने मुझे इन मार्केट्स में बेवकूफ बनाने की कोशिश की और मुझे बेहतर होटल-टूर डील दिलाने की बात कही लेकिन टूरिस्टों को इनके बहकावे में नहीं आना चाहिए। हालांकि, बार-बार ना कहना भा बेहद परेशान करता है।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here