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पुलिस फायरिंग में 13 मौतों का जिम्मेदार कौन? तूतीकोरिन जा सकते हैं राहुल गांधी

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी स्टरलाइट कॉपर प्लांट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए 13 लोगों के परिजनों से मिलने तमिलनाडु के तूतीकोरिन जा सकते हैं. पार्टी तूतीकोरिन में हालात सामान्य होने का इंतजार कर रही है. राहुल गांधी के दौरे का कार्यक्रम एक दो दिन में तय हो सकता है.

जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी वहां जाकर लोगों से बात करना चाहते हैं, जो फिलहाल के माहौल में संभव नहीं है और स्टरलाइट फैक्ट्री के आसपास के इलाके में धारा 144 लागू है. बता दें कि तूतीकोरिन में हुई हिंसा में पहले दिन 11 लोग मारे गए थे, इसके बाद अगले दो दिनों में दो घायलों ने दम तोड़ दिया है.

बुधवार को भी स्टरलाइट प्लांट के खिलाफ आक्रोशित लोगों ने हिंसा की और कई पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी हिंसा थमने का इंतजार कर रहे हैं.

मालूम हो कि तूतीकोरिन में पुलिस फायरिंग में मरने वालों की संख्या गुरुवार को 13 तक पहुंच गई है. सेल्वास्कर नाम के एक व्यक्ति की सरकारी अस्पताल में मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा घायलों का इलाज चल रहा है.

हालांकि तूतीकोरिन में बीती रात के बाद से किसी तरह के विरोध प्रदर्शन की खबर नहीं है, लेकिन तटीय इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात किए गए हैं. इलाके में अगले पांच दिनों के लिए इंटरनेट पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

राज्य सरकार ने स्टरलाइट फैक्ट्री के आसपास धारा 144 लागू कर रखी है.

इसकी वजह से सामान्य जीवन बहुत प्रभावित हुआ है. आम लोगों को बिस्किट और दूध लेने के लिए भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. लगातार तीसरे दिन भी दुकानें बंद हैं. बड़े पैमाने पर हिंसा भड़काने के आरोप में पुलिस ने 67 लोगों को गिरफ्तार किया है.

दूसरी ओर पूरे तमिलनाडु में खुफिया सूत्रों ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट और रेलवे ट्रैक्स पर हमले को लेकर अलर्ट जारी किया है. राज्य के खुफिया विभाग ने सभी कमिश्नरों को एक नोट भेजा है, जिसमें खुफिया विभाग के साथ मिलकर काम करने को कहा गया है. साथ ही महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है.

तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्लांट का लाइसेंस रिन्यू करने से इनकार कर दिया है, बोर्ड ने अप्रैल के बाद से तीन मुख्य प्रावधानों के उल्लंघन का जिक्र किया है. बोर्ड ने पाया कि स्टरलाइट ने धातुमल को नदियों में बहाते हुए पर्यावरण नियमों का उल्लंघन किया है. साथ ही प्लांट के नजदीकी नलकूपों के पानी को लेकर प्लांट ने बोर्ड को रिपोर्ट नहीं दी है.

हालांकि स्टरलाइट ने इन आरोपों को खारिज किया है. स्थानीय लोगों में प्रदूषित पानी के चलते कैंसर होने के बारे में कंपनी के सीईओ रामनाथ ने कहा कि ये सब अफवाह है, जिसे प्रचारित किया जा रहा है.

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