Home खबर सबरीमला मुद्दे पर राहुल गांधी का यू टर्न, कहा- परंपरा को संरक्षण...

सबरीमला मुद्दे पर राहुल गांधी का यू टर्न, कहा- परंपरा को संरक्षण देने की जरूरत

0
SHARE

Arun Thakur (shipra darpan)

होम
देश
Sabarimala, Rahul Gandhi: सबरीमला मुद्दे पर राहुल गांधी का यू टर्न, कहा- परंपरा को संरक्षण देने की जरूरत
Updated Jan 14, 2019 | 09:59 IST | टाइम्स नाउ डिजिटलRahul Gandhi View On Sabarimala कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सबरीमला मुद्दे को लेकर कहा है कि दोनों पक्षों के तर्कों में दम है लेकिन वह मामले में वह अपना स्पष्ट रूख नहीं बता सकते हैं।

Rahul Gandhi on Sabrimala Rahul Gandhi

https://hindi.timesnownews.com/india/article/rahul-gandhi-u-turn-on-sabarimala-says-traditions-should-be-protected/346931
दुबई: सबरीमला मंदिर में सभी महिलाओं को प्रवेश की इजाजत देने की पैरवी करने वाले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि वह मुद्दे पर ‘स्पष्ट’ रुख अख्तियार नहीं कर सकते हैं क्योंकि दोनों पक्षों के तर्कों में दम है। दुबई में शनिवार को पत्रकार वार्ता में गांधी ने कहा मुद्दा ‘और अधिक जटिल’ है और वह इस मामले पर फैसला लेने की जिम्मेदारी केरल के लोगों पर छोड़ते हैं। उन्होंने माना कि सरीबमला मुद्दे पर उनका शुरुआती रुख आज से अलग था।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘मैंने दोनों पक्षों की बातें सुनी हैं। मेरा शुरुआती रुख आज के रुख से अलग था। केरल के लोगों की बात सुनने के बाद, मैं दोनों तर्कों में वैधता देख सकता हूं कि परंपरा का संरक्षण करने की जरूरत है। मैं इस तर्क में भी वैधता देख सकता हूं कि महिलाओं को समान अधिकार मिलने चाहिए। इसलिए, मैं इस मुद्दे पर आपको अपना स्पष्ट रुख नहीं बता पाऊंगा।’

by TaboolaSponsored LinksYou May Like
Deal Alert ! Clearance Sale on Swiss Watches, Sale Ends today.
Premium Watch
सबरीमला में महिलाओं के प्रवेश के बाद होगा ‘शुद्धिकरण’, मुख्‍य पुजारियों ने किया मंदिर बंद​

उन्होंने कहा, ‘मैंने केरल के लोगों और (केरल) कांग्रेस कमेटी की टीम से बात की और उन्होंने मुझे इसका विवरण समझाया। इसके बाद, मुझे एहसास हुआ कि मुद्दा कहीं ज्यादा जटिल है और दोनों पक्षों का रुख वैध है। मैं इसपर निर्णय करने की जिम्मेदारी लोगों पर छोड़ता हूं।’ उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद, गांधी ने कहा था कि सभी महिलाओं को सबरीमला मंदिर में जाने की अनुमति होनी चाहिए। हालांकि, उनका यह विचार कांग्रेस की केरल इकाई के नजरिए से अलग था।

आपको बता दें कि पिछले साल सितंबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट एक ऐतिहासिक फैसले में केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को मंजूरी दे दी थी। अदालत ने कहा कि महिलाओं का मंदिर में प्रवेश न मिलना उनके मौलिक और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। अदालत ने अपने फैसले में 10 से 50 वर्ष के हर आयुवर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश को लेकर हरी झंडी दिखा दी थी। इसे लेकर केरल में अभी तक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here