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सोना है सबसे सुरक्षित निवेश, शेयर बाजार में दूसरे झटके से फिर हुआ साबित

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दुनिया भर के शेयर बाजारों में आई गिरावट में जहां बड़े निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए. वहीं एक बार फिर साबित हो गया कि आकस्मिक स्थिति में सोना सबसे सुरक्षित निवेश है. एक तरफ जब दुनियाभर के शेयर बाजारों में जोरदार गिरावट का दौर चलता रहा कमोडिटी बाजार में सोना तेजी के साथ कारोबार करता देखा जा रहा है.

शुक्रवार को मेटल एक्सचेंज पर सोने की कीमत एक बार फिर मजबूती के साथ आगे बढ़ती देखी जा रही है. सुबह के शुरुआती ट्रेडिंग में सोने की कीमतों में उछाल से बीते एक महीने की गिरावट की रिकवरी कर ली है.

बाजार के जानकारों का कहना है कि दुनियाभर में शेयर बाजार में गिरावट के बीच सोना एक बार फिर सबसे सुरक्षित निवेश माना जा रहा है. हालांकि डॉलर की अन्य मुद्राओं के मुकाबले बढ़ती कीमतों ने सोने की उछाल पर थोड़ा लगाम लगा रखा है.

सोने में बढ़त के साथ कारोबार

सोने में मामूली बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है और ये 1319.80 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है. उधर चांदी में हल्की गिरावट के साथ 16.34 डॉलर पर कारोबार होता दिखाई दे रहा है.

मंगलवार भी मजबूत था सोना

मंगलवार को कॉमैक्स पर सोना 0.3 फीसदी की तेजी के साथ रहा और 1,341 डॉलर पर कारोबार करता देखा गया. इसके साथ ही चांदी में भी तेजी के साथ कारोबार का रुख देखने को मिला. कॉमैक्स पर इस प्रमुख मेटल में 0.25 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई और लगभग 16.7 डॉलर पर कारोबार करता देखा गया.

खासबात यह भी है कि जब दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट का दौर दिखा और सोना इसके उलट मजबूती के साथ कारोबार करता रहा, वैश्विक करेंसी एक्सचेंज पर डॉलर के मुकाबले रुपये में भी जोरदार गिरावट देखने को मिली. सुबह के कारोबार में ही रुपया डेढ़ महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया और एक डॉलर के मुकाबले रुपया 64.30 रुपये के स्तर को पार कर गया.

शेयर बाजार में वैश्विक गिरावट के बीच कच्चे तेल में गिरावट के साथ कारोबार देखा गया और कच्चे तेल की कीमत एक महीने के न्यूमतम स्तर पर पहुंच गई. लिहाजा, वैश्विक गिरावट में शेयर, करेंसी और कच्चे तेल के बीच सिर्फ सोना ही तेज कारोबार करते हुए देखा गया.

सोने की इस मजबूती के बाद वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने उम्मीद जाहिर की कि आने वाले दिनों में सोने की मांग में तेजी देखने को मिलेगी लिहाजा निवेश के हिसाब से सोना एक बेहतर विकल्प साबित होगा.

गौरतलब है कि बीते एक साल के दौरान सोने की मांग में गिरावट देखने को मिली है और बतौर निवेश इंस्ट्रूमेंट सोने ने बेहतर रिटर्न नहीं दिया है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक 2018 के दौरान भारत में सोने की मांग 800 का आंकड़ा पार कर सकता है जबकि 2017 के दौरान भारत में सोने की मांग को पूरा करने के लिए लगभग 726 टन सोना इंपोर्ट किया गया.

 

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