Home खबर एक्सक्लूसिव: आर्मी को फिर मिलेगी वही पुरानी जिप्सी, अलग से निर्माण करेगी...

एक्सक्लूसिव: आर्मी को फिर मिलेगी वही पुरानी जिप्सी, अलग से निर्माण करेगी मारुति

0
SHARE

ARUN THAKUR(SHIPRA DARPAN)

हाइलाइट्स

  • इसका बनना बंद है लेकिन मारुति इसे सेना के लिए अलग से बनाने को तैयार
  • भारतीय सेना के लिए 3051 जिप्सी बनाने के लिए मारुति कंपनी तैयार हो गई है
  • आर्मी में इस श्रेणी की करीब 30 हजार गाड़ियों की जरूरत होती है
नई दिल्ली
करीब तीन दशकों तक इंडियन आर्मी में रहकर पहचान बनाने वाली मारुति जिप्सी को उसका प्रोडक्शन बंद होने के बाद भी नियमों में छूट मिल गई है। इंडियन आर्मी को करीब तीन हजार जिप्सी चाहिए जिसके लिए उन्होंने मारुति को सप्लाई ऑर्डर दिया था। लेकिन जिप्सी का प्रोडक्शन अप्रैल से ही बंद है, इसलिए मारुति ने यह ऑर्डर पूरा करने से मना कर दिया। बावजूद इसके आर्मी ने अपनी जरूरत बताते हुए जिप्सी लेने पर ही जोर दिया। अब इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने सेफ्टी के साथ ही दूसरे नियमों में भी छूट दे दी है ताकि आर्मी को जिप्सी मिल सके।

इसलिए तैयार हुआ रक्षा मंत्रालय
मारुति ने पिछले साल ही ऐलान किया था कि वह अप्रैल 2019 से जिप्सी का प्रोडक्शन बंद कर देगी, क्योंकि नए सुरक्षा नियमों में वह फिट नहीं बैठती। इंडियन आर्मी में कश्मीर से लेकर नॉर्थ ईस्ट तक हर जगह स्मॉल पैसेंजर वीइकल के तौर पर जिप्सी का ही इस्तेमाल हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक जिप्सी का प्रोडक्शन बंद होने के बाद भी करीब तीन महीने पहले इंडियन आर्मी ने 3051 जिप्सी का सप्लाई ऑर्डर जारी किया। लेकिन मारुति ने यह कहते हुए मना कर दिया कि 2019 से नए सुरक्षा नियम आ गए हैं जिसे जिप्सी पूरा नहीं करती। इसीलिए नियमों में ढील की मांग थी।

पतले रास्तों पर जिप्सी है बहुत कामयाब
सूत्रों के मुताबिक करीब 5 साल के ट्रायल के बाद आर्मी ने जिप्सी की जगह टाटा स्ट्रॉम और स्कॉर्पियो को चुना। टाटा स्ट्रॉम ने कम बोली लगाई तो आर्मी ने 3192 टाटा स्ट्रॉम का ऑर्डर भी दिया। यह सवाल भी उठने लगा कि आखिर फेज आउट हो रही जिप्सी को फिर क्यों लिया जा रहा है। एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि टाटा स्ट्रॉम थोड़ा बड़े साइज की है और हाई एल्टीट्यूट एरिया में कई जगह रास्ता बेहद पतला है, वहां जिप्सी की ही जरूरत है। साथ ही टाटा स्ट्रॉम ऊपर से कवर्ड है और क्विक रिस्पॉन्स टीम और आरसीएल गन कैरी करने के लिए खुली गाड़ी ही चाहिए होती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here